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राजीव तोमर

राजीव तोमर का जन्म 31 दिसंबर 1980 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के मलकपुर गांव में हुआ था।राजीवतोमरएक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। गुरु हनुमान अखाड़े में अपने कोच महासि...

पश्चिमी उत्तर प्रदेश (जाटलैंड) के कुछ प्रसिद्ध और बड़े गांव

पश्चिमी उत्तर प्रदेश (जाटलैंड) के कुछ प्रसिद्ध और बड़े गांव जिनकी आबादी दस हज़ार से ज्यादा है और इनके नाम इतने प्रसिद्ध है कि आस पास के जिलों में इन गावों की अलग पहचान है 1- सिसौल...

Baliyan Khap - (Sisauli, Muzaffarnagar)

  बलवंश का मूलस्थान पंजाब ही था। यहीं से धारणवंशी (जाट गोत्र) गुप्त सम्राटों का सेनापति भटार्क पहले बिहार मगध और बाद में वल्लभी पर अपनी सत्ता स्थिर कर सका। किन्तु वह पद्धति ...

सहारनपुर

पश्चिमी उ०प्र० (जाटलैंड) के 18 जिलों में से एक जिला सहारनपुर भी है सहारनपुर में जाट आबादी कम है सहारनपुर जिले में गुर्जर, त्यागी और राजपूत बिरादरी के भी गांव है फिर भी यँहा के ज...

मैं एक जाट हूँ!

मैंने कभी महाराजा सूरजमल बन कर मुग़लो के खिलाफ भारत की लड़ाई लड़ी तो कभी सर छोटूराम बन कर मजदूरो के हक़ की लड़ाई लड़ी । कभी खोखर बन कर ग़ज़नी जैसे लुटेरो को मारा तो कभी चरण सिंह, सरदार प...

#चंदेनी [अहलावत,सांगवान,ग्रेवाल]

यह ग्राम भारतीय थलसेना में किसी एक गाँव से सर्वाधिक सैनिक पैदा करने के लिये प्रसिद्ध है जो रिकॉर्ड लगभग बीस साल से अपरिवर्तित है| अरावली पर्वत श्रृंखला की एक शाखा इस गाँव क...

गुरू तेगबहादुर

इस बात की चेतना कम ही लोगों को होगी कि वीरवर #गोकुलसिंह का बलिदान, गुरू तेगबहादुर से 6 वर्ष पूर्व हुआ था। दिसम्बर 1675 में गुरू तेगबहादुर को शहीद किया गया था - दिल्ली की मुग़ल कोतव...

बागपत जिले का तोमर गोत्र का #_बावली गांव भारत मे ही नही बल्कि यह गांव एशिया का सबसे बड़ा गांव है इसकी आबादी 50 हजार से उपर बताते हैं बताते हैं कि भारत में कोई भी ऐसा कृषि विश्वविद्यालय नहीं हैं जहां बावली गांव का आदमी ना हो इस गांव के किस्से भी बहुत प्रसिद्ध हैं बाबली गाँब से ही दूसरे जिलो मे तोमरो ने गाँव बसाये है । बाबली जो की दिल्ली -सहारनपुर NH 57 पर है ।बावली गाँव को तीन भाईयों ने बसाया था । जिनका नाम बाहुबली सिंह , महावतसिंह, रूस्तमसिंह था ने क्रमश बाहुबली गाँव ,महावातपुर ,रुस्तमपुर बसाया । बाहुबली गाँव ही आज का बावली गाँव है ।बावली गाँव में संवत 1560 के आस -पास सर्व खाप पंचायत भी हुई थी बावली में 7 पट्टी है । मुख्य पट्टी 1 देशो की 2 मोल्लो की 3 गोपी की 4 राणो की 5 कट्कड़ की मुख्य पट्टी है बावली गाँव में ही समय में तीन प्रधान होते है ।राणो की पट्टी में तोमर गोत्र के जाट है । राणा टाइटल लिखते है ।सन ११९७ ई.मेंराजा भीम देवकी अध्यक्षता में बावली बडौत के बीच विशाल बणी में सर्वखाप पंचायत की बैठक हुई थी जिसमें बादशाह द्वारा हिन्दुओं पर जजिया कर लगाने तथा फसल न होने पर पशुओं को हांक ले जाने के फरमानों का मुँहतोड़ जवाब देने के लिए ठोस कार्रवाई करने पर विचार किया गया. इस पंचायत में करीब १००००० लोगों ने भाग लिया. पंचायती फैसले के अनुसार सर्वखाप की मल्ल सेना ने शाही सेना को घेर कर हथियार छीन लिए और दिल्ली पर चढाई करने का एलान किया. बादशाह ने घबराकर दोनों फरमान वापिस लेकर पंचायत से समझौता कर लिया.

बागपत जिले का तोमर गोत्र का #बागपत जिले का तोमर गोत्र का #_बावली गांव भारत मे ही नही बल्कि यह गांव एशिया का सबसे बड़ा गांव है इसकी आबादी 50 हजार से उपर बताते हैं बताते हैं कि भारत ...

#जययौद्धेय सिक्ख धर्म बनाम आर्यसमाज

1857 का ग़दर हुआ.1857 के ग़दर में दिल्ली के जो चारों तरफ़ दिल्ली देहात का जो हिस्सा था उसने ग़दर में मुख्य भूमिका निभाई और अंग्रेजों को नाकों तले चने चबाने पड़े.इसलिए अंग्रेजों नें सोच...