अब वो समय गया बावरो कि कोई "जय जवान जय किसान" का नारा दे,
अब बदलाव है उसे भी समझो, उस समय खेती वैग्यनिकता थी और किसान वैग्यानिक ,
बेटा और काम देखे तो सम्माननिय था अब सब बदल चुका है ये नारा कोई नहीं देने वाला
हां रूढीवाद से भला नहीँ होना , भूतकाल के वैग्यानिक जाग और नए पाखंड़ को जान।
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